हाँ मैं बुरा हूँ

अगर आप मेरी ज़िन्दगी की किताब खोलते है और सीधे पेज नंबर 228 से पढ़ना शुरू करते है तो यकीनन मुझे समझ पाना आपके लिए असम्भव है और आपको पूरा हक है आप मुझे बुरा ही कहें …

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मेरी इच्छा

लौट जाना चाहता हूँ वक्त की उन करवटों मे जो वक्त सिर्फ मेरा वक्त हुआ करता था…

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गुमनाम

मदहोश हूँ, गुमनाम हूँ ,खामोश रहता हूँ कभी दिल से सुनना,मैं बड़े किस्से कहता हूँ …

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MAN BEHIND THIS BLOG

About Sunil ydv SS

He is the mind behind SunilydvSS and ApniRachnaye. He is the Founder of Apni Rachna which was a platform for writers.He is a Writer,blogger,online marketer .He works for more than 50+ MLAs MPs cabinet ministers. He is brilliant student and recognised as a "Student of the Session" title.

He may use big words at times, but he is a really simple guy who loves to simplify complex stuff.

I found blogging to be a great medium for sharing my favorite things with the world. Initially, I started writing random stuff, but later on I discovered “The Way” to become my own boss through the power of the internet. This was when I started sharing those things that worked for me.That’s how SunilydvSS was born.

You can read more about Sunil SS at the "About" page. …

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EVENTS

Sunil SS Birthday

जन्म का ठीक दिन वह नहीं है, जिसको हम जन्म-दिन कहते हैं उसके ठीक नौ महीने पहले असली जन्म हो चुका

जिसे हम जन्म-दिन कहते हैं, वह तो मां के शरीर से मुक्त होने का दिन है,.

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Sunil'S Writing

मेरी डायरी के कुछ हिस्से

 मेरे मन में बहुत कुछ चलता है उसकें सिर्फ एक छोटे से हिस्से को मैं यहां उकेरता हूँ ,बाकी को कभी इस दिमाक से निकलकर सांसारिक जीवन मे उतरने की आजादी ही नही देता।
वैसे तो मैं कुछ खास नही लेकिन
"फिर भी जो कुछ भी हूँ नाचीज़/ नामुराद ,उसके होने का यथार्थ दस्तावेजी प्रमाण बनेगी मेरी डायरी"
मेरी डायरी में लिखे हुए कुछ रचना को यहां नीचे लिख रहा हूँ
उम्मीद करता हूँ आप ढेर सारा प्यार देंगे ❤️

 

Target - मंजिल

जब जब कुछ कर गुजरने को निकला हूँ मैं
हर मोड़ पर,खंजर के साथ अपनो को पाया है मैंने

Kisan - किसान

आज के दौर में एक किसान के लिए
" मेहनत से रोटी कमा पाना बहुत मुश्किल है "

Maa - माँ

" मानो जन्नत उतर कर जमीं पर आ गयी
मैं माँ के कदमों की तरफ क्या झुका "

खामोशी

कुछ इस कदर खामोश हो जाना चाहता हूँ मैं,
लोग चीखें मुझे सुनने को ।

ज़िंदगी की कहानी

अगर आप कुछ लिखना चाहते है
तो अपनी ज़िंदगी की वो कहानी लिखिए
जो सिर्फ कहानी नही बल्कि
एक मुकम्मल ज़िन्दगी हो
जो दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हो

मेरी अंतिम इच्छा

अब न कभी दीपक बुझेगा,
न कभी घना अंधेरा होगा।
मुझे एक बार इस जहां से बाहर निकलने दे,
ए मेरे दोस्त
देखना फिर फिर से एक नया सवेरा होगा ।

GOALS

मेरा लक्ष्य

वैसे तो ज़िन्दगी में कुछ खास लक्ष्य नही है लेकिन फिर भी अगर मैं लोगो को उनके लक्ष्य पाने में एक माध्यम का काम कर सकूं तो मुझे बड़ी खुशी होगी
दूसरों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने का एक प्रयास...

 

आपकी कमाई कितनी है ?

मेरी कमाई कितनी है बड़ा अच्छा सवाल किया आपने लेकिन आपके मरने के बाद इस बात से बिल्कुल फ़र्क़ नही पड़ेगा कि आप कितना कमाते थे । फ़र्क़ इस बात से पड़ेगा कि आपकी कमाई से कितने लोगों का पेट भरता था,आपकी कमाई से कितने जरूरतमंद लोगों को आप खुशी दे पाते थे।  

आप ज़िन्दगी में क्या पाना चाहते है ?

वैसे तो ज़िन्दगी में कुछ खास लक्ष्य नही है लेकिन फिर भी अगर मैं लोगो को उनके लक्ष्य पाने में एक माध्यम का काम कर सकूं तो मुझे बड़ी खुशी होगी  

क्या हम संसार को बदल रहे है ??

कई जन्मों से तुम यही तो कर रहे ही : निरंतर दुनिया को बदल रहे हो,इसको बदल रहे हो,उसको बदल रहे हो,घर बदल रहे हो,शरीर,पत्नियां,पति,मित्र-बदल रहे हो,लेकिन इस तथ्य को कभी नही देखते की तुम वही हो जहाँ पहले थे,तुमने जो बदला वो बदलाव एक तथाकथित बदलाव था,इसलिए तुम संसार को कैसे बदल सकते हो ? 

आपकी कमाई कितनी है ?

मेरी कमाई कितनी है बड़ा अच्छा सवाल किया आपने लेकिन आपके मरने के बाद इस बात से बिल्कुल फ़र्क़ नही पड़ेगा कि आप कितना कमाते थे । फ़र्क़ इस बात से पड़ेगा कि आपकी कमाई से कितने लोगों का पेट भरता था,आपकी कमाई से कितने जरूरतमंद लोगों को आप खुशी दे पाते थे।  

आप ज़िन्दगी में क्या पाना चाहते है ?

वैसे तो ज़िन्दगी में कुछ खास लक्ष्य नही है लेकिन फिर भी अगर मैं लोगो को उनके लक्ष्य पाने में एक माध्यम का काम कर सकूं तो मुझे बड़ी खुशी होगी  

क्या हम संसार को बदल रहे है ??

कई जन्मों से तुम यही तो कर रहे ही : निरंतर दुनिया को बदल रहे हो,इसको बदल रहे हो,उसको बदल रहे हो,घर बदल रहे हो,शरीर,पत्नियां,पति,मित्र-बदल रहे हो,लेकिन इस तथ्य को कभी नही देखते की तुम वही हो जहाँ पहले थे,तुमने जो बदला वो बदलाव एक तथाकथित बदलाव था,इसलिए तुम संसार को कैसे बदल सकते हो ? 

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